Sunday, February 21, 2016

Gaytri mantr

गायत्री मंत्र तथा नाडी एवं चक्र प्रणाली--------

1. पृथ्वी माता तथा मानव शरीर पांच तत्वों से बने हैं.
2. ऊर्जा को तीन रुपों में यानि सतो गुण (सकारात्मक ऊर्जा), रजो गुण(नकारात्मक ऊर्जा) तथा रजो गुण (तटस्थ ऊर्जा).
3. ये सभी नाडी तथा चक्र प्रणाली द्वारा काबू होते हैं.
4. तीनों ऊर्जा को काबू करने के लिए ऊर्जा चक्रों को तत्वों के आधार पर विभाजित किया.
5. नाडी केवल रीड की हडडी वाले चक्रों में से जाती है क्योंकि वे जुडे हुए हैं. हाथ तथा पांव के चक्र अपूर्ण होते हैं क्योंकि दोनो अलग-२ हैं.
6.  इष्ट्देवी, इष्ट्देव, माता, पिता ,पति, पत्नि तथा गुरु व्यक्ति होते हैं जिन पर हम हर वस्तु के लिए निर्भर होते हैं.इसलिए ये हमसे ऊपर आते हैं.
7. बाकि सभी पांचवें चक्र में आते हैं.
8. गायत्री मंत्र महामंत्र है क्योंकि इसमें सभी चक्र आते हैं.
9. आज का गायत्री मंत्र अपूर्ण है.पूर्ण गायत्री मंत्र के लिए देखे प्राचीन भारतीय विज्ञान.